1. पहले अपना लक्ष्य तय करें
Flat भी चाहिए + देरी का ब्याज? — RERA। पूरा exit यानी refund + ब्याज? — RERA या Consumer Commission। कई खरीदार साथ हैं? NCLT सिर्फ सलाह लेकर — वह भोथरा हथियार है।
2. अपना claim calculate करें
देरी का ब्याज आमतौर पर promised date से SBI MCLR + 2% की दर से बनता है। ठोस आँकड़ा रखें — अस्पष्ट claim पर अस्पष्ट आदेश ही मिलते हैं।
3. Demand notice भेजें
Promised date, देरी, आपकी गणना और deadline साफ़ लिखें। RPAD/email से भेजें; proof सँभालकर रखें।
4. फाइल करें और पीछा करें
ज़्यादातर राज्यों में RERA शिकायतें सालों में नहीं, महीनों में तय होती हैं। Indexed documents के साथ सुनवाई में जाएँ।
5. न माने तो execution
आदेश न मानने पर रकम land revenue arrears की तरह वसूली जा सकती है; लगातार default पर promoter पर penalty भी लगती है।