1. Bank से return memo लें
Cheque bounce होते ही bank return memo देता है जिसमें कारण लिखा होता है (जैसे insufficient funds)। Original cheque और memo सँभालकर रखें — यही case की नींव है।
2. 30 दिन के भीतर demand notice भेजें
Return memo के 30 दिन के अंदर देनदार (drawer) को लिखित legal notice जाना ज़रूरी है, जिसमें 15 दिन में भुगतान की माँग हो। Delivery-proof वाले माध्यम से भेजें। ज़्यादातर case इसी 30-दिन की window में मरते हैं।
3. 15 दिन का notice period पूरा होने दें
Notice मिलने के 15 दिन में भुगतान हो जाए तो मामला खत्म। भुगतान सिर्फ traceable तरीके से लें।
4. अगले एक महीने में complaint फाइल करें
भुगतान न हो तो 15-दिन की अवधि खत्म होने के एक महीने के भीतर Magistrate के सामने Negotiable Instruments Act की धारा 138 में criminal complaint फाइल करनी होती है — आम तौर पर वहाँ, जहाँ आपकी (payee की) bank branch है।
5. जानें कि case से क्या मिल सकता है
धारा 138 criminal offence है: court cheque की रकम के दोगुने तक जुर्माना और/या कैद दे सकता है, और उसमें से आपको मुआवज़ा दिलाया जाता है।
6. साथ में civil recovery भी सोचें
बड़ी रकम के लिए recovery का civil suit साथ चल सकता है — criminal case दबाव बनाता है, civil case पैसा पक्का करता है। चुनाव में expert मदद करेगा।