1. Counter पर अपने दो अधिकार जानें
Cognizable offence में Supreme Court (Lalita Kumari) के अनुसार FIR दर्ज करना अनिवार्य है। और "Zero FIR" किसी भी police station में लिखाई जा सकती है, घटना कहीं भी हुई हो — jurisdiction बाद में transfer होती है, मना करने का बहाना नहीं बनती।
2. शिकायत हमेशा लिखित में दें
लिखी हुई, हस्ताक्षरित शिकायत दें और stamp/acknowledgement वाली copy लें। मौखिक इनकार का कोई निशान नहीं बचता; लिखित शिकायत से record शुरू होता है।
3. SP/DCP को registered post से भेजें
मना होने पर वही शिकायत Superintendent of Police / DCP को लिखित भेजें। वे FIR दर्ज करवाने या खुद जाँच करने का अधिकार रखते हैं।
4. Magistrate के पास जाएँ
अगला कदम — Magistrate से police को FIR दर्ज कर जाँच करने का निर्देश माँगता आवेदन: धारा 156(3) CrPC, जो अब BNSS की धारा 175(3) है। अपनी लिखित शिकायत और postal proofs जोड़ें — कदम 2–3 का महत्व यही paper trail है।
5. अपने राज्य की e-FIR सुविधा देखें
कई राज्य कुछ अपराधों के लिए state police portal से online FIR/e-FIR की सुविधा देते हैं — साथ में उपयोगी, और उसका अपना acknowledgement बनता है।