1. पहले देखें — Udyam registration है या नहीं
आपके सबसे मज़बूत हथियारों के लिए Udyam registration ज़रूरी है। udyamregistration.gov.in पर मुफ़्त है, मिनटों में हो जाता है। नहीं है तो आज ही करें — सुरक्षा आम तौर पर registration के बाद की supplies पर लागू होती है।
2. 45 दिन का नियम जानें
MSMED Act के तहत buyer को तय credit period में भुगतान करना है — और यह अवधि सामान/सेवा स्वीकृति से 45 दिन से ज़्यादा नहीं हो सकती। उसके बाद कानून अपने आप आपकी तरफ़ है।
3. ब्याज की घड़ी को अपने लिए काम करने दें
MSME को देर से भुगतान पर RBI bank rate का 3 गुना compound ब्याज बनता है — चाहे invoice में लिखा हो या नहीं। गणना करके follow-up में आंकड़ा लिखें — नंबर सामने आते ही बातचीत का रुख़ बदल जाता है।
4. संरचित demand भेजें
दिनांकित लिखित मांग: invoice सूची, रकम, कितने दिन overdue, ब्याज की गणना और साफ़ deadline (7–15 दिन)। विनम्र पर सटीक — email के साथ traceable माध्यम से भेजें, proof रखें।
5. MSME Samadhaan पर फाइल करें
samadhaan.msme.gov.in — सरकार का delayed-payment portal। मामला MSEFC (Facilitation Council) के पास जाता है: पहले conciliation, फिर arbitration। अक्सर फाइल करते ही भुगतान खुल जाता है — Council के सामने पेश होना buyers को पसंद नहीं।
6. समानांतर रास्ते भी ध्यान में रखें
Cheque bounce हुआ है? धारा 138 का रास्ता सख़्त घड़ियों पर चलता है — हमारी cheque bounce गाइड देखें। बड़ी रकम पर civil recovery suit भी संभव है — मुकदमे पर खर्च से पहले सलाह ज़रूर लें।