1. सही विभाग (public authority) पहचानें
वही विभाग जिसके पास जानकारी है। पक्का न हो तो सबसे संभावित विभाग को भेज दें — PIO को 5 दिन में सही विभाग को transfer करना ज़रूरी है।
2. साफ़ और जाँचने-योग्य सवाल पूछें
"मेरा काम क्यों नहीं हुआ?" की जगह लिखें — "आवेदन संख्या X की वर्तमान स्थिति और file movement की जानकारी दें।" रिकॉर्ड माँगिए, राय नहीं।
3. ₹10 फीस भरें और सबूत रखें
केंद्र सरकार के विभागों के लिए rtionline.gov.in पर online, राज्यों के लिए राज्य portal या IPO से।
4. 30 दिन की घड़ी पर नज़र रखें
जवाब नहीं आया या टालमटोल वाला आया? 30 दिन के भीतर विभाग की appellate authority के पास First Appeal करें — यह मुफ़्त है।
5. ज़रूरत पड़े तो Second Appeal
Information Commission अधिकारियों को तलब कर सकता है और गलत तरीके से जानकारी रोकने पर ₹25,000 तक जुर्माना लगा सकता है।
काम की बात: BPL कार्ड धारकों की कोई फीस नहीं लगती। और अपने ही case की जानकारी शायद ही कभी रोकी जा सकती है — "personal information" वाली छूट तीसरे व्यक्ति की रक्षा के लिए है, विभाग की नहीं।
अस्वीकरण: यह गाइड सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। नियम और प्रक्रियाएँ राज्य के अनुसार अलग हो सकती हैं और समय के साथ बदलती भी हैं — अपनी स्थिति के लिए अपना resolution path बनाएँ या verified expert से सलाह लें।